आम के ओषधिय गुण ,विभन्न रोगों में आम प्रयोग !
आम
प्रकति - तर व गर्म खाने से पहले आम को ठन्डे पानी या फ्रिज में रखना चाहिए ।इससे आम की गर्मी निकाल जाती है आम को दूध में मिलकर या इसे खाने के बाद उपर से दूध पिने से बहुत लाभ होता है यह वीर्य की दुर्बलता को दूर करता है वीर्य बड़ता है दो तिन माह तक शाम को आमरस पिने से मर्दाना ताकत आती है शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है शरीर बलवान होता है
शुक्रवर्धक - पके आम का रस मिश्री ,इलायची ,लोंग ,अदरक स्वादानुसार मिलाकर पिने से शुक्राणु बढते है
विटामिन - आम में सभी फलो से ज्यादा विटामिन ' ए ' होता है इसके अतिरिक्त बी और सी भी अधिक मात्रा में है एक आदमी को नित्य 5000 अंतर्राष्ट्रीय इकाई विटामिन ए चाहिए जो केवल 100 ग्राम आम से मिलता है
झुर्रियां- सीजन के आम का आमरस रोज पिते रहने से चहरे पर झुर्रिया नही पड़ती और झुर्रिया हो तो मिट जाती है
ह्रदय रोगी - आमरस में आधा चमच अदरक का रस मिलाकर पीने से ह्रदय रोगियो को काफी लाभ मिलता है
दस्त - आम की गुठली , बेलगिरी और मिश्री समान मात्रा में पीसकर दो -दो चमच नित्य तीन बार पानी के साथ फंकी लेने से दस्त ठीक हो जाते है गर्मी के मोसम के दस्त में अधिक लाभ होता है
आम की गुठली को पानी में खूब पीसकर नाभि पर गाडा लेप करने से सभी प्रकार के दस्त ठीक हो जाते है
आम की गुठली का चूर्ण गर्म पानी के साथ चौथाई चमच देने से पेट के कीड़े मर जाते है
नकसीर - आम की सुखी गुठली में निकल नए वाली गिरी पीसकर नित्य तीन बार सूंघे नकसीर ठीक हो जाएगी
मसूड़े सूजना - एक चमच पिसा हुआ अमचुर एक गिलास पानी में तीन घंटे भिगोकर इस पानी से कुल्ले करने से मसुडो की सुजन और दर्द ठीक हो जाता है
मस्तिष्क की कमजोरी - एक कप आमरस चौथाई कप दूध एक चमच अदरक का रस , स्वादानुसार चीनी सब मिलाकर नित्य एक बार पिए इससे मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है मस्तिष्क की कमजोरी के कारण पुराना
सिरदर्द , आखों के आगे अँधेरा आना दूर होता है शरीर स्वस्थ रहता है यह रक्तशोधक भी है यह ह्रदय , यकृत को भी शक्ति देता है

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